Button

थारू विकास परियोजना,विशुनपुर विश्राम को मिली नई गति

थारू विकास परियोजना,विशुनपुर विश्राम को मिली नई गति

शासन से ₹1.28 करोड़ की स्वीकृति,स्वास्थ्य,शिक्षा व आधारभूत सुविधाओं का हो रहा व्यापक सुदृढ़ीकरण

 

बलरामपुर 08अप्रैल। जनपद में थारू जनजाति क्षेत्र में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करते हुए थारू विकास परियोजना, विशुनपुर विश्राम को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन के कुशल निर्देशन एवं सतत अनुश्रवण में परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास हेतु शासन द्वारा ₹1.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत एवं प्राप्त हुई है।

इस धनराशि के माध्यम से परियोजना क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने, जनसेवाओं का विस्तार करने तथा स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यों को तेजी से संपादित कराया जा रहा है।

परियोजना परिसर का कायाकल्प,आधुनिक स्वरूप की ओर अग्रसर

थारू विकास परियोजना परिसर में व्यापक स्तर पर रंग-रोगन, मरम्मत, सौंदर्यीकरण एवं संरचनात्मक सुधार के कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। भवनों की बाहरी एवं आंतरिक साज-सज्जा को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे परिसर अधिक आकर्षक एवं व्यवस्थित रूप में विकसित हो सके।

इन प्रयासों से परियोजना न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिए एक मॉडल केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार, बढ़ी ओपीडी संख्या

परियोजना क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का पूर्ण कायाकल्प किया गया है। स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण, दवाएं, फर्नीचर एवं अन्य लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सुविधाओं में सुधार का प्रत्यक्ष प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

स्थानीय ग्रामीणों को अब बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता में कमी आई है।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से युवाओं को मिल रही प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त

थारू विकास परियोजना के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रही है”।

योजना के तहत क्षेत्र के विद्यार्थियों को एकदिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं एवं NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है।

अनुभवी एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि थारू बाहुल्य क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

परियोजना के माध्यम से न केवल वर्तमान सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।