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गाँव में ही मिलेगी डिजिटल पहचान की सुविधा: पंचायत सचिवालय बनेंगे आधार सेवा के नए केंद्र

गाँव में ही मिलेगी डिजिटल पहचान की सुविधा: पंचायत सचिवालय बनेंगे आधार सेवा के नए केंद्र

 

बलरामपुर 23 फरवरी। ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जनपद बलरामपुर में एक सकारात्मक पहल शुरू हुई है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं को विस्तार देने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में 07 पंचायत सहायकों को आधार सेवा केंद्र संचालन हेतु आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अब ग्रामीणों को अपने ही गाँव में आधार संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।

इस पहल का उद्देश्य डिजिटल इंडिया की सोच को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन के लिए तहसील या जिला मुख्यालय की लंबी दूरी तय न करनी पड़े। पंचायत सचिवालयों में ही सेवाएं शुरू होने से समय, खर्च और श्रम की बचत होगी तथा जनसुविधाएं अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेंगी।

जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में चयनित पंचायत सहायकों को कंप्यूटर CPU, वेबकैम सहित आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि सचिवालयों में मशीनों की स्थापना कर शीघ्र आधार सेवाएं शुरू करें, जिससे ग्रामीणों को त्वरित लाभ मिल सके।

प्रथम चरण में विकासखंड बलरामपुर की लालनगर, भगवतपुर, मिर्जापुर व सिरसिया; रेहरा बाजार की गुमाफात्मा जोत; तथा तुलसीपुर की सुदर्शन जोत एवं नौव्वा ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य आगामी चरणों में और पंचायतों को इस सुविधा से जोड़कर पूरे जिले में डिजिटल सेवाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।

यह पहल न केवल ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि पंचायत स्तर पर डिजिटल सशक्तिकरण को भी नई गति देगी, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंच सकेगा।