सुआव नदी के कायाकल्प,जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण को लेकर डीएम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

सुआव नदी के कायाकल्प,जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण को लेकर डीएम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए तैयार होगी समग्र कार्ययोजना

विश्व पर्यावरण दिवस पर सुआव नदी पर श्रमदान एवं जनसहभागिता अभियान चलेगा

बलरामपुर 16 मई। जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सुआव नदी के कायाकल्प, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुआव नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुआव नदी के उद्गम स्थल गोपियापुर से लेकर अंतिम छोर तक एक्टिव फ्लड प्लेन जोन का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर निर्धारण कराया जाए, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जलधारण क्षमता एवं पर्यावरणीय संरक्षण को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने सुआव नदी के कटरा शंकरनगर एवं रसूलाबाद क्षेत्र में री-चैनलिंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि नदी के प्रवाह को सुचारु बनाया जा सके तथा जलभराव जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने नदी के दोनों किनारों पर बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं भू-क्षरण रोकने में वृक्षारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट एक्शन प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे वर्षा जल संरक्षण, मिट्टी कटाव की रोकथाम एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा दिया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि नदी पुनर्जीवन केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय अभियान है।

उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुआव नदी के संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा इसमें जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, एडीएम न्यायिक, प्रभागीय वनाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।