डीएम की अध्यक्षता में श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा,अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश

डीएम की अध्यक्षता में श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा, अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश

बलरामपुर 06मार्च। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के हित में संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना,निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना तथा मातृत्व, शिशु व बालिका मदद योजना की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए मिलने वाली सहायता,दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता तथा मातृत्व व बालिका सहायता योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।

संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना

इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कक्षा के अनुसार अलग-अलग राशि दी जाती है, जिसमें प्राथमिक स्तर पर लगभग ₹1,000 से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर ₹25,000 से ₹50,000 तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में सहयोग मिलता है।

निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना

इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं दुर्घटना में स्थायी दिव्यांगता होने की स्थिति में ₹3 लाख तक तथा आंशिक दिव्यांगता होने पर ₹1 लाख तक की सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को आर्थिक संबल मिल सके।

मातृत्व,शिशु व बालिका मदद योजना

इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को प्रसव के समय ₹25,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त नवजात शिशु एवं विशेष रूप से बालिका के जन्म पर भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं बालिका संरक्षण को प्रोत्साहन मिलता है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में सभी पंजीकृत श्रमिकों का नियमित नवीनीकरण (रिन्यूअल) सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए तथा ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जाए।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित किया जाए, जिससे उन्हें आकस्मिक परिस्थितियों में सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। इस दौरान सहायक श्रमायुक्त , जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।